1.आक नो तारो।
अर्थ- आपडी जाण थकी खुब वालु।
हिन्दी अर्थ-अपनी जान से बहुत प्यारा।
2. मरी गई अकळ
अर्थ- टेम माते मगज काम नी करे।
हिन्दी अर्थ-समय पर दिमाग नही चलना।
3. हाप भी मरीग्यो लाकेड बी नी टुटी।
अर्थ- वगर नुकसन थकी काम बणिग्यु।
हिन्दी अर्थ-बीना परेशानी से काम बन जाना।
4.आपड़ी दुनीया अलग वसाड़वी
अर्थ-आपडे माँ बाप थकी अलग घेर वसाड़वु।
हिन्दी अर्थ-अपने परिवार से अलग घर बसाना।
5. नाल नु पाणी बुंबीये सडावु
अर्थ- आपड़े थकी थाऐ ऐवु काम करवु
हिन्दी अर्थ- अपने से हो सके ऐसा ही काम करना।
6.गजा वणी गदेड़ी अंदावद नु भाड़ु करे
अर्थ-दुबलो मानवी भारी वजन वाळु काम करे
हिन्दी अर्थ-दुर्बल व्यक्ति भारी वजन का कार्य करता है।
7.मोरे बेहे ते धराल वाई बेहे ते उळाळ
अर्थ- कणी वात नो कोई फरक नय पडे
हिन्दी अर्थ- किसी बात का कोई असर नही होना।
8. आणे काने हामल्यु नेय पेळे काने काडीयु।
अर्थ- कणी बी वात नेय हामळी नेय अणजान बणवु।
हिन्दी अर्थ- किसी बात पर अमल नही करना।
9.कुत्तरा नेय पुसड़ी वाकी ते वाकीस रे
अर्थ- खराब संगत वाळो कारेये नेय हुदरे
हिन्दी अर्थ- बुरी संगती वाला मनुष्य कभी नही सुधरता है।
10.गुरु कीजे जाणिने पाणी पीजे साणिने
अर्थ-कोई बी सीज असली थकि जुई नेय लेवी जुवे
हिन्दी अर्थ-कोई भी वस्तु पुरी तरह जाँच कर लेनी चाहिये।
11. लोडा नेय लोडु काटे।
अर्थ-पेलवान नेय पेलवान अरावी सके।
हिन्दी अर्थ-शक्तिशाली को शक्तिशाली ही हरा सकता है।
12. घेर मय दिवो ळगाड़ी नेय मन्दिर मय ळगाड़वो जुवे।
अर्थ- बीजा नेय हुदरवा पहले खुद हुदरवु जुवे।
हिन्दी अर्थ- दुसरो को सुधारने से पहले खुद को सुधरना चाहिये।
13. नाम मुटू नेय दरसन खुटू
अर्थ- जुवा मय असली काम नु वगडे़लु।
हिन्दी अर्थ-देखने मे अच्छा असलीयत मे खराब।
14. कुत्तरा नेय घी नी पसे
अर्थ- खराब आदमी नेय होजे वात नी असली लागे।
हिन्दी अर्थ- बुरे मनुष्य को अच्छी बात नही अच्छी लगती।
15. पाणी जाये नेय हुँ पाल मादे।
अर्थ- वगत नकलीया पसे पसतावु।
हिन्दी अर्थ-वक्त नीकल जाने पर पछताना।
16. रोपो बोलियो ते कैरी की थकी मले।
अर्थ-जे जिवो करम करेगा, वने ऐवु फळ मलेगा।
हिन्दी अर्थ-जो जैसा कर्म करता वो वैसा फल पाता है।
17. कुत्तरा नेय मोत आवे तो वाघ पाये जाय ।
अर्थ-मुसीबत आदमी नेय पाये हादे।
हिन्दी अर्थ- मुसीबत मनुष्य को पास बुलाती है।
18. खाईग्यो हुडो आव्यु जारा माते।
अर्थ-गलती कोई करे ने आवे बी बीजा माते।
हिन्दी अर्थ- गलती कोई और करे आये किसी दुसरे पर।
19. आवी हे जान हाते जायेगा अरती हाते ।
अर्थ- कोई इलाज नी थाये ऐवी बीमारी ।
हिन्दी अर्थ- लाईलाज बीमारी।
20. आव गुदा मने हेगडु वा।
अर्थ- जानी नेय मुसीबत मय पडवु।
हिन्दी अर्थ- जान बुझ कर मुशीबत मोल लेना।
21.जगल मय मंगल
अर्थ- हर वगत होजे रेवु।
हिन्दी अर्थ- हर स्थिती मे खुश रेना।
22.इक एण्डु वो बी गन्दु
अर्थ- वस्तु कम हे पण वो बी कामनी नी है।
हिन्दी अर्थ- कम वस्तु पर काम की नही।
23. आग लागे नेय वावडी खुतरवी।
अर्थ-पेळे थकि कोई उपाय नी करवो।
हिन्दी अर्थ- पहले से कोई उपाय नही करना।
24. अंगास थकी तारो तोड़वो।
अर्थ- नीय थाये ऐवु काम करवु।
हिन्दी अर्थ – नही हो सके ऐसा काम करना।
25. भरीया गाडा मय हुपड़ा नो हुं भार।
अर्थ- केनेक कोक वस्तु आलते वगत थुड़ीक वदार आलाई जा।
हिन्दी अर्थ- किसी को कोई वस्तु देते है तो थोडी जायदा चली जाना।
26. आकी रातर धुणीया पण लालिया लालिया रईग्या।
अर्थ- एवु काम करवु जेनो कोई मतलब नी नकळे।
हिन्दी अर्थ- बे मतलब का काम करना।
27. करे बुरु ते थाये बुरु।
अर्थ- जे जेवु करेगा इने हाते ऐवुस थाये।
हिन्दी अर्थ- जो जैसा कर्म करेगा वो वैसा फल पायेगा।
28. मु भलो ते पुरो जग भलो।
अर्थ- जे पूते होजे वे इने बळे सब होजे।
हिन्दी अर्थ- जो खुद अच्छा हो उसके लिए पुरी दुनिया अच्छी होती है।
29.गव नेय हाते घुण बी पीसाय।
अर्थ-खराब मानवी पाय रई ने खुद बी खराब बणी जावु।
हिन्दी अर्थ- बुरी सगति मे रहकर खुद भी बुरे बन जाते है।
30. उडती सकली नेय उळकवी।
अर्थ- मन नी वात जानी जावी।
हिन्दी अर्थ- मन की बात जान जाना।
31. आँस नी आववी।
अर्थ- थुडीक बी तकलीप नी थवा देवी।
हिन्दी अर्थ- थोड़ी सी भी मुसीबत ना होना।
32. अंगास थकी वाते करवी
अर्थ- घणो उसो थावु।
हिन्दी अर्थ- बहुत महान बनना।
33. आग लागे नी वावडी खुतरवी।
अर्थ- पले थकी कोई उपाय नी करवो।
हिन्दी अर्थ- पहले से कोई उपाय नही करना।
34. जंगल मय मंगल।
अर्थ- हर स्थिति मय खुस रेवु।
हिन्दी अर्थ- हर परीस्थिती मे खुश रहना।
35. गुदा दौड़ावा।
अर्थ- लडाई करवी।
हिन्दी अर्थ- आक्रमण करना।
36. ऊँट नेय गाबडा मय घटी बादवी।
अर्थ- काटु काम करवु।
हिन्दी अर्थ- कठिन कार्य करना।
37. सोर सोर मामा वाळा भाई।
अर्थ- इक हारक मनक इक हाते रय।
हिन्दी अर्थ- एक जैसे लोग एक साथ रहते है।
38. इक हाते ताली नी वागे।
अर्थ- बै मनक लडाई करे ते बेजन नेय कोई नेय कोई गलती रे।
हिन्दी अर्थ- दो लोगो के बीस के झगडे मे दोनो की गलती रहती है।
39.जीब नेय थैली बे बन्द राखवी होजे रे।
अर्थ- कम बोलिया थकी नेय कम खर्चो करवा थकी मोटो भायदो मले।
हिन्दी अर्थ- कम बोलने से और कम खर्च करने से बडा लाभ होता है।
40. आँक नो तारो।
अर्थ- घणो होजे सुरो।
हिन्दी अर्थ- बहुत अच्छा लड़का।
41. आजे काले करवु।
अर्थ- कोई बी वात नेय टालवी।
हिन्दी अर्थ- किसी बात को टाल देना।
42. आग थकि लाल थावु।
अर्थ- घणी री करवी।
हिन्दी अर्थ- बहुत गुस्सा करना।
43.अंग अंग खील जावा।
अर्थ- खुस थावु।
हिन्दी अर्थ- बहुत खुश होना।
44. दोड तु करवु।
अर्थ- हटाडी आकवु, नाई जवाडवु।
हिन्दी अर्थ- हटा देना, भगा देना।
45. अंजर-पंजर ढीलो पडीग्यो।
अर्थ- पुरु डील दुखवा लागियु।
हिन्दी अर्थ- पुरा में शरिर दर्द करने लगना।
46. इनुस सम्पल नेय इनुस मातु।
अर्थ- इनेस तरीके थकी मतलब नकाळवो।
हिन्दी अर्थ- उसी के तरीके से उसी को फसाना।
47. आँक खुलवी।
अर्थ- हमजदार बणवु।
हिन्दी अर्थ- सावधान रहना।
48.जंगल मय मोर नासियो ते किणे दिको।
अर्थ- ऐवा स्थान माते आपडु गुण वताडवु जो कोई बी हमजी ना सके।
हिन्दी अर्थ- ऐसे स्थान पे अपना गुण बताना जहा पर कोई समझ ना सके।
49.आँक सयार थावी।
अर्थ-हामा-हामी थावु, इक ना बै थावा।
हिन्दी अर्थ-आमने- सामने होना,एक का दो होना।
50.उल्टी नदी डुंगरा माते सडावी।
अर्थ-गणु माता फोडी वाळु काम करवु,कटीन काम करवु।
हिन्दी अर्थ-बहुत मेहनत करना,कठिन परिश्रम करना।
51.इक नेय इक ईग्यारा थई।
अर्थ- मेंळ मय घणी तागत रे।
हिन्दी अर्थ- जुण्ड में बडी शक्ति होती है,यदि तुम दोनो भाई मिलकर काम करोगे तो कोई तुम्हारा सामना न कर सकेगा।
52.अगांरा माते पोग मेळवा।
अर्थ- वदार जोकम वाळु काम करवु।
हिन्दी अर्थ- जोखिम मोल लेना।
53.अबार ते तमारे दूध ना दाँत बी नी टुटिया ।
अर्थ- आबार तारी उबर कम हे, आ काम तारे वती नी थाऐ।
हिन्दी अर्थ- अभी तो तुम्हारी उम्र कम है, और अभी तुम बच्चे हो और नादान और अनजान हो।
54.अंगास ना तारा तोडवा।
अर्थ- नी थाये ऐवु काम करवु
हिन्दी अर्थ- असंभव कार्य करना।
55.आपडु राकवु बिजनु साकवु।
अर्थ- आपडी वस्तु हबाली नेय राकवी बीजा नेय वस्तु वापरवी
हिन्दी अर्थ- अपनी चीज सम्भाल कर रखना और दुसरो की चीज का इस्तेमाल करना।
56.फाकवा थकी डोंगरा नी उडी।
अर्थ- मुटू काम नाने धन्दे थकि नी थाये।
हिन्दी अर्थ- बड़े काम छोटे बीजनेस से नही होते है।
57.आपडे नाकरू कपाय ते कपाय बिजानु काम ते वगाड़े।
अर्थ- खराब मनक बिजाने नुकसन करवा बळे आपडु बी नुकसन करवा थकी नी बीवे।
हिन्दी अर्थ- दुष्ट लोग दूसरो का नुकसान करते ही है, भले उनका कितना भी नुकसान हो जाए।
58.आपड़ी नेदर हुवु आपड़ी नेदर जागवु।
अर्थ- पुरा रुप थकि आजाद रेवु।
हिन्दी अर्थ- पुर्ण रुप से स्वतंत्र होना।
59.दुद नु दुद पाणी नो पाणी।
अर्थ- होजे न्याव करवो।
हिन्दी अर्थ- निष्पक्ष न्याय करना।
60.हर समकवा वाली सिज होनु नी रे।
अर्थ- बारते थकि देकिने खुस नी थावु जुवे।
हिन्दी अर्थ- बाहारी रंग रुप से प्रभावित नही होना चाहिए।
61.आग थकि लाल थावु।
अर्थ- खुब री करवी।
हिन्दी अर्थ- बहुत गुस्सा करना।
62.आँक आववी।
अर्थ- आँक मे दुकवु।
हिन्दी अर्थ- आँख में दर्द होना।
63.आपड़ी आपड़ी खाल मय मस्त।
अर्थ- आदमी आपड़ी आलत थकी खुस रेवु।
हिन्दी अर्थ- अपने अपने हाल में खूश रहना।
64.देसी कुकडु परदेस नो गुदो।
अर्थ- कोई मेळ नी।
हिन्दी अर्थ – बै मेल कुछ मेल नही।
65.आय नी बीजे लगाडवी।
अर्थ – साड़िये करीने भडकावु।
हिन्दी अर्थ- चापलुसी कराना और उस्काना।
66.दाणो पाणी उडी जावो।
अर्थ – इक जगा माते थकि बीजी जगा माते जावु, पुरो रिस्तो खतम करीआकवो।
हिन्दी अर्थ – किसी एक जगह से दुसरी जगह को जाना, वहा का सारा सारा रिश्ता खत्म कर के।
67.आपड़ी पुटली पइसा, परायो आसरो कैवो।
अर्थ- आदमी खुद काटो वे तो बीजा नेय भरोसे कीम रेगा।
हिन्दी अर्थ – आदमी खुद मजबुत हो तो दुसरो के भरोसे नही रहेगा।
68.गरीब नेय बयेर सबनी भोजाई।
अर्थ- गरीब नेय सीदो आदमी नेय मनक पुरी तरीके थकि दाबी ने राके।
हिन्दी अर्थ- गरीब और सीधे आदमी को लोग मानसिक वा शारीरीक रूप से दबा रखते है।
69.गाम नो जमाई गदेड़ा बराबर।
अर्थ- वदार दाडा पामणु नी रेवू जुवे नी ते वो गदेड़ा बराबर केवाये।
हिन्दी अर्थ- ज्यादा दिन तक मेहमान नहीं रहना चाहिये अन्यथा उसकी वेल्यु गधे के समान है।
70.खेतर मा खाड़ों नेय घेर मा खाड़ों नेय जुये।
अर्थ- वदार दाड़ा पामणु नी रेवु जुवे।
हिन्दी अर्थ- ज्यादा समय मेहमान का रहना अच्छा नहीं है जैसै इस में दोहराया है।
71.सणाँ नेय हाते घुँण बी पिसाये।
अर्थ- संगत कोई बी करावी सके।
हिन्दी अर्थ- संगती कुछ भी करवा सकती है।
72.जट हगाई नेय जट विवा।
अर्थ- कोई बी काम जल्दी करवु।
हिन्दी अर्थ- कार्य में गति लाना।
73.सालती नो नाम गाडी।
अर्थ- जिने थकि काम हिड़े तो बीजी वस्तु नी हु जरुरत हे।
हिन्दी अर्थ-जिससे काम निकल रहा हो तो अन्य किसी वस्तु की आवश्यकता नही है।
74.सार दाड़नी सादणी नेय पासी अंदारी रातर।
अर्थ- थुड़क दाड़ा होजे नेय पसे वोस पासा दाड़ा आववा।
हिन्दी अर्थ-थोडे दिन तक अच्छा होना इसके बाद वापस वही दिन आना।
75.दीवा निसे अंदारो।
अर्थ- कोई बी चिज आक हामे वे पण नी दिकाये।
हिन्दी अर्थ- मुख्य चिज होने पर भी दिखाई नहीं देना।
76.अबार तबार करवु।
अर्थ – किनेक हाते आदर करवो नेय वाय खराब करवो।
हिन्दी अर्थ – किसी के साथ आदर ना पेश आना और उसका अनादर करना।
77.आंदनो नो हाती।
अर्थ – किनेक किणी बी वस्तु या सीज नो पुरो ग्यान नी रेवो।
हिन्दी अर्थ – जिसे किसी भी विषय का पूर्णता ज्ञान ना होना।
78.अंदारी नगरी चौपट राजो।
अर्थ – जिणी जगा उपर मुकियोस गाड़ो वे ,वो हमेंसा नाव नी रे।
हिन्दी अर्थ – जिस जगह का मुखिया ही मूर्ख हो, तो वहाँ पर हमेशा अन्याय होता ही रहेगा.और किसी भी चीज़ का कोई मूल्य नहीं होगा।
79.अटकेगा वो भटकेगा।
अर्थ – काम नेय वगत जे आदमी दुविदा नेय सोच मय पड़ी जाये ईने काम हमेसा अदुरु रे।
हिन्दी अर्थ – काम के समय जो व्यत्ति दुविधा या सोच में पड़ जाता है, उसका काम हमेशा अधुरा ही रहेगा कभी पूरा नही होगा।
80.आपड़ू आपड़ू काम,आपड़ू आपड़ू खावु।
अर्थ – आपड़ी जरुरत नु काम खुद करो, किने बी हाते आपड़े काम नके करावो।
हिन्दी अर्थ – अपनी जरुरत का काम खुद करो, किसी के साथ अपने काम को साझा करना ठीक नहीं।
81.आपड़ी गरज गाड़ी।
अर्थ – आदमी आपड़ा लाब मय बीजाने परवा नी करे।
हिन्दी अर्थ – आदमी स्वार्थ में दूसरों की परवाह नहीं करता।
82.आपड़ी गाठे पईसा ते पारको आसरो कैवो।
अर्थ – अगर मनक खुद होजे वे तो बीजा नो आसरो कैमले।
हिन्दी अर्थ – अगर इंसान स्वयं ही समर्थ हो तो किसी दूसरे पर आक्षित क्यों रहेगा।
83.आपड़ी हातोल उगाड़ी करते खुद लाजे मर।
अर्थ – आपड़ा घोर नी वात बीजे केवा थकि खुद नी खराबी थाये।
हिन्दी अर्थ – अपने घर की बात दूसरों से कहने से व्यक्ति की खुद की ही बदनामी होती है।
84.आपड़े सुराने कोई काणो नी के।
अर्थ – कोणे बी आपड़ी खराब चिज नेय खराब नी के।
हिन्दी अर्थ – कोई अपनी खराब चीज को भी कोई भी खराब नहीं कहता है. चाहे जो।
85.आबार दिल्ली सिटी हे।
अर्थ – काम पुरु नी थयु हे, काम आबार बाकी हे।
हिन्दी अर्थ – अभी कसर रह गयी हैं काम में है,अभी पूरा काम नहीं हुआ।
86.आय पाय करवु।
अर्थ – काम नी करवानु बानु।
हिन्दी अर्थ – काम ना करने का बहाना करना।
87.अटकले आलवी।
अर्थ – काम मय विरोद करवो,काम वगाड़वु।
हिन्दी अर्थ – किसी काम को पुर्ण नहीं होने देना।
88.आबार नी आबार हाते काल नी काले हाते।
अर्थ – मनक नेय आज नी सन्ता करवि जुवे.नेय काल नी काले।
हिन्दी अर्थ – हमेशा इंसान को अपने वर्तमान में ही रहना चाहिए और आज की ही चिंता करनी चाहिए,और कल की कल।
89.आपड़ो सापो आपड़े हाते।
अर्थ – मनक नेय आपड़ी लाज आपड़े आत मय राकवी जुवे।
हिन्दी अर्थ – इन्सान को अपनी इज्जत अपने हाथ रखना चाहिए।
90.आपड़ी आपड़ी डाक, आपड़ा आपड़ा राग।
अर्थ – जे जुवो वो मनक आपड़ी आपड़ी मरजी नु काम करे।
हिन्दी अर्थ – जिधर देखो उधर, सब अलग अलग,अपना मनमाना काम कर रहे है।
91.आपडे़ आपा मय नी रेवु।
अर्थ – खुब घमंड नेय करण आपड़ो आपो खुई आकवो।
हिन्दी अर्थ – अपने घमंड के कारण अपना आपा खो देना, या नशे में चूर होना।
92.अड़ी दाड़ नु अजवाळु।
अर्थ – खुब कम दाड़नी खुसी।
हिन्दी अर्थ – बस चंद दिनो की शान- शोकत।
93.एण्डु वे ते बसिय खुद नकलेगा।
अर्थ – घोर नो पायो काटो वे तो घोर वाय बनिजायेगा।
हिन्दी अर्थ – मूल वस्तु प्राप्त रहेगी तो उसे बनने वाली वस्तुएँ तो निश्चित ही प्राप्त होती रहेंगी।
